ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के सेक्टर-1 में गुरुवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ऐस सिटी के समीप स्थित एक बहुमंजिला फिटनेस जिम में अचानक भयावह आग भड़क उठी। आग इमारत के द्वितीय तल पर लगी थी, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और समूचा परिसर घने काले धुएं के गुबार से भर गया। हादसे के वक्त जिम के भीतर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए न केवल छत पर फंसे पांच नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया।
धुएं के गुबार के बीच ‘बीए सेट’ पहनकर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को भांपते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की सीधी निगरानी में दमकल की कई गाड़ियां और राहत दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दूसरी मंजिल पर धुआं अत्यधिक सघन होने के कारण दृश्यता शून्य हो चुकी थी और सीधे अंदर प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता था। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए ब्रीदिंग अपेरटस (BA Set) पहनकर ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने होज पाइप के जरिए पानी की बौछारें शुरू कीं और इमारत की छत पर जान बचाने पहुंचे सभी पांच लोगों को सुरक्षित सीढ़ियों के सहारे नीचे उतार लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
क्रेन से तोड़े गए शीशे, वेंटिलेशन के दौरान सीएफओ हुए चोटिल
जिम के चारों तरफ शीशे के बड़े पैनल लगे होने के चलते अंदर दमघोंटू धुआं और अत्यधिक ताप जमा हो गया था। दमकल विभाग ने हाइड्रोलिक क्रेन की सहायता ली और दूसरी मंजिल की बाहरी खिड़कियों के शीशों को तोड़ा, जिससे वेंटिलेशन बनकर धुआं बाहर निकल सके और अग्निशामकों को आग की मुख्य लपटों तक पहुंचने का मार्ग मिल सके। इसी दौरान शीशे तोड़ने और बचाव कार्य को लीड करने के क्रम में सीएफओ गौतमबुद्धनगर को मामूली चोटें भी आईं, जिनका तुरंत प्राथमिक उपचार कराया गया।
5 गाड़ियों की मशक्कत के बाद बुझी आग, कारणों की जांच जारी
करीब पांच दमकल वाहनों की मदद से अग्निशमन कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर काफी जद्दोजहद के उपरांत आग पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षा घेरा बनाया। दमकल और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि त्वरित राहत कार्य के चलते किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। आग लगने की वास्तविक वजह शॉर्ट सर्किट थी या कोई अन्य तकनीकी खराबी, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों द्वारा विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।





















































