लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने संबंधी संभावित योजना की मीडिया खबरों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनाव में अपनी स्थिति कमजोर देखते हुए सत्ताधारी दल के पास अब केवल धनबल का सहारा बचा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की राशि से शुरुआत कर हर साल इसमें बढ़ोतरी करने का बड़ा चुनावी वादा किया है।
‘एक्स’ पर साधा निशाना, भाजपा की प्रस्तावित योजना को बताया जुमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए सपा प्रमुख ने सरकार के इस कदम को भाजपा का एक नया चुनावी हथकंडा करार दिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा अब अनुचित तरीके से जुटाए गए धन का उपयोग करने का प्रयास कर रही है, जिसे उत्तर प्रदेश की स्वाभिमानी और धर्मनिष्ठ महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
अखिलेश यादव ने अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जिन प्रदेशों में महिलाओं को आर्थिक लाभ का वादा कर भाजपा सत्ता में आई थी, वहां अब योजना का लाभ देने में आनाकानी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर पैसे वापस मांगे जा रहे हैं और असमर्थ महिलाओं पर कानूनी मुकदमे तक दर्ज किए जा रहे हैं।
’10 साल में 5 लाख का नुकसान, अब 20 हजार देकर ठगने की तैयारी’
अखिलेश यादव ने वित्तीय आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज जिस 50 हजार रुपये सालाना सहायता की चर्चा हो रही है, वह पैसा सरकार पिछले 10 वर्षों के दौरान भी दे सकती थी, परंतु ऐसा नहीं किया गया। उनके अनुसार, प्रचार-प्रसार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर महिलाओं के वास्तविक अधिकारों की अनदेखी की गई।
सपा सुप्रीमो ने गणित समझाते हुए दावा किया कि 50 हजार रुपये सालाना के हिसाब से बीते 10 साल में हर महिला के हिस्से के 5 लाख रुपये बनते हैं। ऐसे में अब केवल 20 हजार रुपये की घोषणा करना 5 लाख का मात्र 4 प्रतिशत ही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 80:20 की बात करने वाले शासन ने 96:4 का अनुपात बनाकर महिलाओं के 96 फीसदी हक पर डाका डाला है और भ्रष्टाचार का नया रिकॉर्ड बना दिया है।
‘जनता का 4.80 लाख बकाया, सपा सरकार आने पर देंगे 40 हजार’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा चुनावी लाभ के लिए 20 हजार रुपये दे भी देती है, तो भी हिसाब के मुताबिक प्रत्येक महिला का सरकार पर 4 लाख 80 हजार रुपये बकाया रह जाता है। उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर भारी आक्रोश के चलते सत्ताधारी दल के नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाने से कतरा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि मंदिर में चोरी और हालिया प्रदर्शनों के दौरान बच्चों पर हुए हमलों जैसी घटनाओं के बाद भाजपा अपनी नैतिक साख खो चुकी है। उन्होंने वादा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही महिलाओं को 40 हजार रुपये की सम्मान राशि से शुरुआत कर आर्थिक मदद दी जाएगी और इस धनराशि में प्रत्येक वर्ष निरंतर वृद्धि की जाएगी।





















































