उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर शनिवार को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। राजधानी लखनऊ के बाहरी इलाके में हुई एक भीषण और आमने-सामने की मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक लाख रुपए के इनामी और कुख्यात शूटर संजय उर्फ संजीव को मार गिराया है। यह शातिर अपराधी पिछले महीने लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई मशहूर बिल्डर संदीप सिंह की सनसनीखेज हत्या का मुख्य आरोपी था। पुलिस टीम की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इंदिरा कैनाल रोड पर बिछाया जाल, पुलिस को देखते ही शूटर ने खोली गोली
यह मुठभेड़ शनिवार को लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड के पास घटित हुई। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था एवं एसटीएफ) अमिताभ यश द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, एसटीएफ को इनपुट मिला था कि बिल्डर हत्याकांड का मुख्य शूटर इस इलाके से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दी।
जैसे ही संदिग्ध अपराधी वहां पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए ललकारा। खुद को चारों तरफ से घिरा देख शातिर अपराधी संजय उर्फ संजीव ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ की टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें संजीव गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस टीम उसे तुरंत प्राथमिक उपचार प्रदान करते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर पहुंची, जहां गहन परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक महीने पहले राजधानी में की थी बिल्डर संदीप सिंह की हत्या
मारे गए अपराधी का पूरा आपराधिक इतिहास खंगालने पर पता चला है कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले के चक कोदार गांव का निवासी था। संजीव एक बेहद पेशेवर और शार्प शूटर था, जिसकी तलाश लखनऊ पुलिस और एसटीएफ को काफी समय से थी।
बीते माह 27 मई को लखनऊ के वीआईपी इलाके पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिल्डर संदीप सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में संजय उर्फ संजीव ही मुख्य शूटर था, जिसने वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद से ही लखनऊ के पुलिस आयुक्त द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया था और पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थीं।
15 साल का लंबा आपराधिक इतिहास, खान मुबारक गैंग से भी जुड़े थे तार
एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि मारा गया अपराधी संजय पिछले डेढ़ दशक (15 वर्ष) से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और लगातार संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा था। उस पर न केवल लखनऊ बल्कि पूर्वांचल के आंबेडकर नगर, बस्ती और अयोध्या जैसे कई जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी और जानलेवा हमले के कई संगीन मुकदमे दर्ज थे।
शुरुआती दौर में संजीव ने आंबेडकर नगर के कुख्यात माफिया दिलीप वर्मा और अंडरवर्ल्ड से जुड़े रहे खान मुबारक गैंग के गुर्गों के साथ मिलकर कई बड़ी हत्याओं की साजिश रची और उन्हें अंजाम दिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2011 से लेकर अब तक उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या, डकैती और हत्या के प्रयास सहित कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इस एनकाउंटर के बाद एसटीएफ अब उसके अन्य मददगारों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।





















































