सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने जांच अभियान के दौरान एक संदिग्ध ट्रक से भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग सवा करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई इस 220 किलोग्राम प्रतिबंधित खेप को ओडिशा के जंगलों से दिल्ली के अवैध बाजारों में खपाने की तैयारी थी। पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास कर रहे दो मुख्य तस्करों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया है।
वाहनों की जांच के दौरान संदिग्ध ट्रक पर पड़ी पुलिस की नजर
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर रविवार देर शाम राबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत सघन वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा था। गेंगुआर गांव के समीप जब सुरक्षा बल वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रख रहे थे, तभी हिन्दुआरी तिराहे के पास एक लावारिस हालात में खड़ा भारी मालवाहक ट्रक पुलिसकर्मियों की नजर में आया। पुलिस दल जैसे ही संदेह के आधार पर ट्रक की स्थिति देखने और पड़ताल करने के लिए आगे बढ़ा, वाहन के केबिन में मौजूद दो व्यक्तियों में भगदड़ मच गई।
चलती गाड़ी छोड़ भागने की फिराक में थे शातिर, पुलिस ने दबोचा
खाकी वर्दी को करीब आते देख ट्रक में सवार दोनों व्यक्ति दरवाजा खोलकर सड़क पर कूद पड़े और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की दिशा में भागने लगे। सतर्क पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और आवश्यक घेराबंदी कर दोनों को कुछ ही दूरी पर नियंत्रित कर हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों से प्राथमिक पूछताछ की गई तो उनकी पहचान बदायूं जनपद के मूल निवासी 45 वर्षीय बीरेश तथा 25 वर्षीय गोविंद के रूप में सुनिश्चित हुई।
ट्रक के भीतर विशेष गुप्त केबिन बनाकर छिपाए थे सात बोरे
संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जब भारी वाहन की बारीकी से तलाशी ली, तो प्रथम दृष्टया वह सामान्य मालवाहक प्रतीत हुआ। हालांकि गहन पड़ताल के दौरान ट्रक के अगले हिस्से में ड्राइवर सीट के पीछे विशेष रूप से निर्मित एक गुप्त केबिन का पता चला। इस गोपनीय चैंबर को खोलने पर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए; भीतर सात बड़े प्लास्टिक के बोरे ठूंस-ठूंस कर रखे गए थे। इन बोरों का वजन कराने पर कुल 220 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ का बाजार मूल्य तकरीबन 1.10 करोड़ रुपये बताया गया है।
ओडिशा से दिल्ली की ओर जा रही थी खेप, वैधानिक कार्रवाई जारी
पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों तस्करों ने स्वीकार किया कि वे अंतरराज्यीय नेटवर्क के तहत ओडिशा राज्य के तटीय और दूरदराज क्षेत्रों से यह मादक पदार्थ ला रहे थे और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसकी आपूर्ति की जानी थी। मार्ग में चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने वाहन में यह विशेष गुप्त चैंबर तैयार कराया था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, अभियुक्तों के विरुद्ध राबर्ट्सगंज कोतवाली में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी सिंडिकेट के वित्तीय संपर्कों, स्थानीय मददगारों और दिल्ली स्थित रिसीवरों का पता लगाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।





















































