गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने उस समय हड़कंप मच गया जब सीवेज के एक नमूने में पोलियो वायरस की पुष्टि हुई। डूंडाहेड़ा स्थित अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (STP) से लिए गए सैंपल में ‘वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1’ (VDPV-1) पाए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से 12 संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी और सघन स्वास्थ्य सर्वेक्षण अभियान का आगाज कर दिया है।
घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति नियंत्रण में: स्वास्थ्य अधिकारी
गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने जानकारी दी कि जांच में पाया गया वायरस ‘वैक्सीन-जनित’ और ‘गैर-विषाणुजन्य’ (नॉन-विरुलेंट) है। डॉ. सचिन ने बताया, “ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) में जीवित लेकिन बेहद कमजोर वायरस का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में सीवेज के नमूनों में ऐसे वायरस की पहचान होना सामान्य प्रक्रिया है। इससे किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या खतरे की आशंका नहीं है, इसलिए आम जनता को अनावश्यक भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।”
1.25 लाख लोगों की आबादी पर विशेष नजर
प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), राज्य और केंद्र सरकार के विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। स्वास्थ्य विभाग ने उन 12 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) क्षेत्रों को चिह्नित किया है जो डूंडाहेड़ा पंपिंग स्टेशन के दायरे में आते हैं। इन क्षेत्रों में लगभग 1.25 लाख की जनसंख्या निवास करती है। विभाग का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे में संक्रमण का कोई लक्षण न पनपने पाए।
107 टीमों का महा-अभियान, घर-घर हो रही स्क्रीनिंग
पोलियो वायरस की मौजूदगी के बाद गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों की सघन जांच के लिए 107 से अधिक विशेष स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही हैं ताकि हर एक बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति का सटीक डेटा जुटाया जा सके। विभाग का यह ‘सर्च ऑपरेशन’ किसी भी संभावित जोखिम को जड़ से खत्म करने के लिए शुरू किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि एहतियाती तौर पर यह कदम उठाया गया है ताकि गाजियाबाद के बच्चों को पोलियो मुक्त सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और आने वाले दिनों में टीकाकरण की स्थिति और बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जाएगी।





















































