लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को सुशासन का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सरकार और जनता के बीच का प्रशासनिक तंत्र ही सबसे महत्वपूर्ण सेतु है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकार की वास्तविक सफलता उसके प्रचार-प्रसार में नहीं, बल्कि जनता की धारणा (पब्लिक परसेप्शन) में निहित होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि प्रशासनिक सेतु मजबूत और पारदर्शी होगा, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुंचेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित सीजी सिटी में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नवनिर्मित अत्याधुनिक परिसर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब 464 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ में फैला यह परिसर राज्य के प्रशासनिक भविष्य को नई दिशा देने वाला केंद्र साबित होगा।
पहचान के संकट से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था तक का सफर
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की नौ साल की विकास गाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य ने ‘पहचान के संकट’ के गहरे दौर से बाहर निकलकर एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि 2017 से पहले के दो दशकों में राज्य की छवि को जो नुकसान पहुंचा, उसके लिए तत्कालीन नेतृत्व और कमजोर कार्यसंस्कृति जिम्मेदार थी। इसका खामियाजा देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य को भुगतना पड़ा।
हालांकि, पिछले नौ वर्षों में यूपी ने सुरक्षा, सुशासन और निवेश के मोर्चे पर देश के सामने एक रोल मॉडल पेश किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बनाने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्यसंस्कृति और तकनीक के मेल ने प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।
तकनीक बनी पारदर्शिता का सबसे बड़ा हथियार
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का जिक्र करते हुए तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने सांसद कार्यकाल की यादें ताजा करते हुए बताया कि तब राशन वितरण में अनियमितताओं की ढेरों शिकायतें मिला करती थीं। राज्य में सरकार आने के बाद ‘ई-पॉस’ मशीनों के अनिवार्य उपयोग से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। आज राशन सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है, जिससे शिकायतों में न केवल कमी आई है, बल्कि गरीबों के हक पर डाका डालने वाली प्रवृत्ति पर भी पूरी तरह लगाम लग चुकी है। उन्होंने दोहराया कि जरूरतमंदों को उनका अधिकार दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
टीमवर्क और नवाचार से बदलेगी कार्यसंस्कृति
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘टीमवर्क’ के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे सामूहिक प्रयास होते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कार्यशैली या नकारात्मक दृष्टिकोण बेहतर परिणाम नहीं दे सकते। सुशासन के लिए अनुभव, नवाचार और सकारात्मक सोच का समन्वय अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, क्योंकि उनके द्वारा लिए गए निर्णय ही प्रदेश के प्रति जनता की धारणा का निर्माण करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रशासनिक अकादमी के नए परिसर को प्रदेश की कार्यक्षमता बढ़ाने वाला एक सशक्त माध्यम बताया, जहां से प्रशासनिक अधिकारी नई तकनीक और कार्यकुशलता के गुर सीखेंगे।





















































