राज्य में 452 मदरसों पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की कड़ी नजर रहेगी। मदरसों को प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी। प्रत्येक मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगी।
इसके अलावा मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से विधिवत संबद्धता भी प्राप्त करनी होगी। आवश्यकता होने पर प्राधिकरण मदरसों का भौतिक निरीक्षण भी करेगा।
सीएम धामी ने दी औपचारिक स्वीकृति
मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने बुधवार को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों संबंधी मान्यता नियमावली-2026 को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। मदरसा बोर्ड को एक जुलाई, 2026 से विधिवत रूप से समाप्त किया जा रहा है। नियमावली के अंतर्गत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन एवं पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है।
मदरसों को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा एवं आवश्यक दस्तावेज़ एवं शुल्क जमा करना होगा। आवेदन की समीक्षा में संस्थान की अल्पसंख्यक पहचान, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति, स्टाफ योग्यता एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता का परीक्षण किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर मान्यता निरस्त करने का प्रविधान है।















































