भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद से दहेज प्रताड़ना और अमानवीयता का एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। अतिरिक्त दहेज के रूप में पांच लाख रुपये नकद और सोने की चेन की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने गर्भवती विवाहिता पर इस कदर जुल्म ढाया कि एक वर्ष के अंतराल में दो बार गर्भ में ही उसके मासूम बच्चों की मौत हो गई। पीड़िता की गुहार पर अदालत के दखल के बाद पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक शिकंजा कस दिया है।
शादी के चंद रोज बाद ही शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला
औराई थाना क्षेत्र के घोसिया इलाके की निवासी 20 वर्षीय बरखा गुप्ता का विवाह जुलाई 2024 में मर्यादपट्टी के रहने वाले 27 वर्षीय शनि गुप्ता के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। नवविवाहिता के अनुसार, दांपत्य जीवन की शुरुआत होते ही ससुरालियों ने कम दहेज लाने का ताना मारना शुरू कर दिया। लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए मायके से पांच लाख रुपये अतिरिक्त नगद और एक सोने की चेन लाने का असहनीय दबाव बनाया जाने लगा। जब पीड़िता ने अपने मायके वालों की आर्थिक लाचारी का हवाला दिया, तो उस पर शारीरिक अत्याचार शुरू कर दिए गए।
बेरहमी से की गई मारपीट, दो बार गर्भ में ही तोड़ा मासूमों ने दम
विवाहिता द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर में ससुराल पक्ष की बर्बरता का रोंगटे खड़े करने वाला ब्योरा सामने आया है। पीड़िता जब पहली बार तीन माह की गर्भवती हुई, तब ससुराल के लोगों ने उसकी नाजुक हालत की परवाह किए बिना उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस क्रूरता के चलते गर्भस्थ शिशु ने पेट के भीतर ही दम तोड़ दिया। इसके लगभग छह महीने बाद वह दोबारा गर्भवती हुई, लेकिन दहेज के लोभियों का दिल फिर भी नहीं पसीजा। जनवरी 2025 में जब बरखा चार माह के गर्भ से थी, तब दोबारा उसके साथ हिंसा की गई, जिसके परिणामस्वरूप दूसरी बार भी उसकी कोख में पल रही मासूम जिंदगी खत्म हो गई। लगातार दो बार गर्भपात होने और तबीयत बिगड़ने के बाद ससुरालियों ने उसे उसके मायके छोड़ दिया।
मायके पहुंचकर भी दी धमकियां, अदालत के आदेश पर कसा शिकंजा
पीड़िता के मायके जाने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला। जून 2026 में ससुराल पक्ष के सदस्य बरखा के मायके पहुंचे और एक बार फिर पांच लाख रुपये व आभूषणों की मांग दोहराई। मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर उन्होंने विवाहिता को साथ ले जाने से साफ इनकार कर दिया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हुए लौट गए। न्याय की कोई राह न दिखती देख पीड़िता ने 6 जुलाई 2026 को न्यायालय की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई।
शहर कोतवाली में पति समेत आठ नामजदों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू
अदालत के कड़े रुख और स्पष्ट आदेश के बाद भदोही शहर कोतवाली पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शनिवार को मुकदमा पंजीकृत किया। शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति शनि गुप्ता, ससुर, जेठ-जेठानी और देवर सहित कुल आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





















































