लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित त्रि-दिवसीय भव्य ‘आम महोत्सव’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की कृषि व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक, वैश्विक बाजार और उच्च गुणवत्ता आधारित उत्पादन से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक बागवानी को आधुनिकता से जोड़कर किसानों की तकदीर बदली जा सकती है। इसी विजन के तहत एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित खेती, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और निर्यात प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के रसीले आमों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
जब आधा किलो के आम को देख उत्सुक हुए मुख्यमंत्री
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव में लगाई गई विशाल प्रदर्शनी का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित की गईं आम की सैकड़ों दुर्लभ और पारंपरिक प्रजातियों को देखा और प्रगतिशील आम उत्पादकों से उनकी विशेषताओं पर सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रदर्शनी में प्रदर्शित करीब आधा किलो वजन का एक विशालकाय आम मुख्यमंत्री की उत्सुकता का विशेष केंद्र बन गया। इस अनोखे आम को देखकर सीएम योगी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाथों में उस आम को थामकर बेहद आकर्षक तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
केमिकल-मुक्त खेती और फूड सेफ्टी पर विशेष जोर
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में वैश्विक बाजार की पहली मांग आर्गेनिक और सुरक्षित उत्पाद हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य फोकस कृषि उत्पादों को पूरी तरह रसायन-मुक्त (केमिकल-फ्री) बनाने पर है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों पर शत-प्रतिशत खरे उतर सकें। इसके लिए सरकार बागवानों को विशेष सुरक्षा बैग (फ्रूट बैगिंग तकनीक) उपलब्ध करा रही है, जो फलों को कीड़ों और खराब मौसम से बचाकर उनकी प्राकृतिक चमक और गुणवत्ता को बरकरार रखते हैं। सीएम योगी ने कहा कि यह महोत्सव महज एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह उत्पादकों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (बायर्स) से मिलाने का एक बेहतरीन व्यावसायिक मंच साबित हो रहा है।
दशहरी की धाक और ‘काकोरी ब्रांड’ से देशभक्ति का पैगाम
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की बागवानी विरासत की सराहना करते हुए कहा कि मलिहाबाद के विश्वप्रसिद्ध दशहरी आम को ‘जीआई टैग’ (भौगोलिक संकेतक) मिलने के बाद अब इसे एक मजबूत वैश्विक पहचान मिल चुकी है। इससे न केवल स्थानीय किसानों का मुनाफा बढ़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादों की साख पूरी दुनिया में मजबूत होगी। उन्होंने एक बेहद खास घोषणा करते हुए बताया कि आम की एक विशेष और नायाब किस्म को ‘काकोरी ब्रांड’ नाम दिया गया है, जो हमारे अमर बलिदानियों की देशभक्ति और समर्पण के प्रति एक अनूठी श्रद्धांजलि है।
चार आधुनिक पैक हाउस और सात समंदर पार निर्यात
उत्तर प्रदेश के बागवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए राज्य में चार अत्याधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं, जहां फलों की ग्रेडिंग, क्योरिंग और पैकेजिंग वैश्विक मानकों के अनुरूप की जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील आम उत्पादकों को मंच से सम्मानित भी किया। उन्होंने गर्व के साथ जानकारी साझा की कि आज उत्तर प्रदेश का आम केवल घरेलू बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका निर्यात ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मलेशिया और कुवैत जैसे देशों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने अंत में दोहराया कि प्रदेश की आर्थिक उन्नति की रीढ़ हमारे किसान हैं, और उनकी आय को दोगुना करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास जारी रखेगी





















































