नई दिल्ली
ग्लोबल दबाव के बीच, शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में भारी गिरावट देखने को मिली है. सोना और चांदी के दाम भी तेजी से नीचे आए हैं. सोमवार को भी सोना और चांदी के दाम टूट गए. मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों में 1000 रुपये तक की गिरावट आई है।
MCX पर सोमवार को सोना 1022 रुपये या 0.71% गिरकर 1,43,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी की कीमत करीब 1900 रुपये या 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर 2,19,522 रुपये प्रति किलो पर थी. सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट की वजह, फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मानी जा रही है।
फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा रेट में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ने के कारण डॉलर इंडेक्स में तेजी आई है, जिस कारण कीमती धातुओं पर दबाव दिखाई दे रहा है. वहीं महंगाई बढ़ने का भी खतरा बना हुआ है. अगर रेट में बढ़ोतरी होती है, तो ग्लोबल स्तर पर महंगाई बढ़ने की उम्मीद है।
जून में सोना और चांदी में बड़ी गिरावट
जून का महीना शुरू होने के बाद से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट हुई है. एमसीएक्स पर 29 मई को चांदी की कीमत 2.67 लाख रुपये पहुंच गई थी, लेकिन अब 2.19 लाख रुपये पर कारोबार कर रही है. ऐसे में चांदी के भाव में 48000 रुपये या 18 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं गोल्ड की बात करें तो 29 मई को एमसीएक्स पर सोना 1.61 लाख रुपये पर पहुंच गया था, लेकिन यहां से 18,000 रुपये या 11 फीसदी गिरकर यह 1.43 लाख रुपये पर आ चुका है।
इंटरनेशनल स्तर पर सोने-चांदी का भाव
ग्लोबल मार्केट में भी सोने-चांदी का भाव गिरकर कारोबार कर रहा है. सोना 26 डॉलर प्रति औंस या 0.67 फीसदी टूटकर 4,062 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. वहीं चांदी की बात करें तो यह 2 डॉलर प्रति औंस या 2 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
क्या अभी सोना और चांदी खरीदना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप सोने और चांदी में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो अभी इसमें निवेश करने का सही मौका है, लेकिन आपको ग्लोबल सेंटिमेंट को लेकर सतर्क भी रहना चाहिए. किसी भी गिरावट पर आप थोड़ा-थोड़ा करके सोने-चांदी की खरीदारी कर सकते हैं और लॉन्ग टर्म नजरिए के साथ सोने-चांदी में निवेश जारी रख सकते हैं. हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो का 20 फीसदी से ज्यादा सोने-चांदी में एक्सपोजर नहीं रखना चाहिए, वरना किसी भी निगेटिव सेंटिमेंट पर आपके पोर्टफोलियो में दबाव बढ़ सकता है।



















































