उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाके से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। इटौंजा थाना क्षेत्र में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक दोमंजिला मकान का पक्का छज्जा अचानक भरभराकर ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में 12 वर्ष के दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जबकि आठ अन्य लोग मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
मोहर्रम के जुलूस के दौरान पखारिया मोहल्ले में पसरा मातम
यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार की रात करीब 10:15 बजे इटौंजा थाना अंतर्गत आने वाले मोहना के पखारिया मोहल्ले में घटित हुआ। पुलिस द्वारा शनिवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पारंपरिक रूप से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। अकीदतमंदों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ सड़क पर मौजूद थी।
इसी दौरान जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले एक मकान की छत और छज्जे पर खड़े होकर कुछ लोग नीचे मौजूद श्रद्धालुओं और आम जनता को पेय पदार्थ (शर्बत/पानी) का वितरण कर रहे थे। नेक नीयत से किए जा रहे इस कार्य के बीच अचानक वह छज्जा अत्यधिक वजन या जर्जरता के कारण अचानक टूटकर नीचे आ गिरा।
मलबे के नीचे दबे 10 लोग, डॉक्टरों ने दो मासूमों को घोषित किया मृत
छज्जा गिरते ही उसके ठीक नीचे खड़े और ऊपर बैठे लोग सीधे मलबे की चपेट में आ गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कुल 10 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना की भयावहता को देखते हुए आस-पास के लोगों और मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला।
सभी घायलों को बिना वक्त गंवाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद 12 वर्षीय किशोर अली और इतनी ही उम्र के अरमान (12) को मृत घोषित कर दिया। इन दोनों मासूमों की असमय मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
पांच घायलों की हालत नाजुक, केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर
हादसे में घायल हुए अन्य आठ लोगों का इलाज शुरू किया गया, जिनमें से पांच लोगों की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। स्थानीय डॉक्टरों की सलाह और प्राथमिक उपचार के बाद, इन पांचों गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर और जीवन रक्षक इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में तत्काल रेफर कर दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका आपातकालीन उपचार जारी है। वहीं, शेष तीन घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है।
मौके पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, विधिक कार्रवाई जारी
लखनऊ ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई थी। पुलिस टीम ने स्थिति को संभालते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाए रखा है। पीड़ित परिवारों की शिकायत और पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर मामले में आगे की आवश्यक विधिक और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित पक्षों को ढांढस बंधाया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





















































