लखनऊ में ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर इतिहास के सबसे क्रूर दौर को लेकर तीखा प्रहार किया है। 25 जून 1975 की उस काली रात का स्मरण करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस दौरान कांग्रेस ने महज अपनी सत्ता को बचाने के लिए पूरे देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटने का घिनौना पाप किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के आदेशों को निष्प्रभावी करने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का यह प्रयास बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के सपनों और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार था। मुख्यमंत्री ने इस दिवस को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में चिह्नित करते हुए कांग्रेस के कथित दोहरे चरित्र को जनता के सामने बेनकाब किया है।
सत्ता का मोह और लोकतंत्र का दमन
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल का दौर भारतीय राजनीति का सबसे काला अध्याय है। कांग्रेस द्वारा थोपे गए इस आपातकाल का मुख्य उद्देश्य केवल इंदिरा गांधी की कुर्सी को सुरक्षित रखना था। सत्ता के इस अंधे मोह में कांग्रेस नेतृत्व ने न केवल राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने के लिए मीडिया पर भी कड़े प्रतिबंध लगा दिए। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि कांग्रेस को अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ अघोषित युद्ध छेड़ना पड़ा? इसका एकमात्र निष्कर्ष यही है कि यह कदम पूरी तरह से अनैतिक था और इसका एकमात्र उद्देश्य तानाशाही के माध्यम से सत्ता का भोग करना था।
कांग्रेस के ‘युवराज’ पर तंज, दोहरा चरित्र उजागर
कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज हाथ में संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं और खुद को लोकतंत्र का रक्षक बताते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी पार्टी का इतिहास लोकतंत्र विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान न केवल न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सीमित किया गया, बल्कि रात के अंधेरे में संविधान की प्रस्तावना तक में बदलाव कर दिया गया था। सीएम योगी ने आगे कहा कि आज के कांग्रेस के ‘युवराज’ देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को कांग्रेस के उस दोहरे चरित्र और उसकी कालिख से भली-भांति अवगत होना चाहिए।
विपक्ष की चुप्पी पर भी उठा सवाल
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की वर्तमान राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के दौर में लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव की विरासत संभाल रहे नेता, उसी कांग्रेस के साये में राजनीति कर रहे हैं, जिसने कभी उनके पूर्वजों को जेल में प्रताड़ित किया था। यह कांग्रेस की दमनकारी नीति को भूलने जैसा है। सीएम योगी ने ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ के दौरान उन सभी योद्धाओं का नमन किया, जिन्होंने उस तानाशाही दौर में यातनाएं सही लेकिन लोकतंत्र की मशाल बुझने नहीं दी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का संकल्प इसीलिए लिया गया है, ताकि देश की नई पीढ़ी को उस सच्चाई के बारे में पता चले जिसे कांग्रेस ने दशकों तक छिपाने की कोशिश की थी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के उन सभी रक्षकों को सम्मानित किया जिन्होंने आपातकाल की विभीषिका को झेलते हुए भी देश के स्वाभिमान को झुकने नहीं दिया।





















































