उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शनिवार देर रात सुभाष तिराहे के पास एक सेवानिवृत्त उप-निरीक्षक ने घरेलू कलह के चलते अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद को भी मौत के हवाले कर दिया। इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल परिवार को बिखरने पर मजबूर कर दिया, बल्कि स्थानीय निवासियों में दहशत और शोक की लहर फैला दी है। मृतक राकेश यादव, जो कांग्रेस के पूर्व विधायक जगदीश यादव के पुत्र थे, के इस घातक कदम ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डाहिनी गांव निवासी राकेश यादव (60) और उनकी पत्नी मूर्ति देवी (58) के बीच शनिवार की शाम किसी घरेलू विषय को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी। यह विवाद इतना बढ़ गया कि राकेश अपना आपा खो बैठे। आवेश में आकर उन्होंने अपना लाइसेंसी असलहा निकाला और सीधे अपनी पत्नी मूर्ति देवी के सीने में गोली उतार दी। अपनी पत्नी को लहूलुहान करने के तुरंत बाद राकेश ने उसी हथियार से खुद पर भी फायर कर लिया।
अस्पताल ले जाते समय पति-पत्नी ने तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई और परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर शिकोहाबाद के स्थानीय अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने राकेश यादव को देखते ही मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी मूर्ति देवी की हालत अत्यंत गंभीर थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मूर्ति देवी ने दम तोड़ दिया। एक ही रात में पति और पत्नी की मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ सुभाष तिराहे के पास स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। शिकोहाबाद के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमरीश कुमार ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस फिलहाल पारिवारिक रंजिश और विवाद के उन कारणों का पता लगाने में जुटी है, जिनकी वजह से एक हंसते-खेलते परिवार का अंत इतना भयानक हुआ।
प्रशासनिक और सामाजिक हलचल
मृतक राकेश यादव खुद पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त उप-निरीक्षक थे, जिसके कारण विभाग में भी इस घटना को लेकर काफी हैरानी है। साथ ही, पूर्व विधायक के परिवार से जुड़ा होने के चलते इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है। पुलिस इस पूरे मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई करने में जुटी है। फिलहाल, इस घटना के बाद से डाहिनी गांव में मातम का माहौल है और लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि पारिवारिक विवाद के कारण इतने शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार का अंत इस तरह हुआ।





















































