सोनभद्र जिले से एक बेहद शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। जिले के घोरावल थाना क्षेत्र में एक दरिंदे पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घिनौनी करतूत के प्रकाश में आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मां की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
मामले का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को पीड़िता की मां ने घोरावल थाने पहुंचकर अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसके 40 वर्षीय पति ने अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। इस चौंकाने वाली सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया और बिना देरी किए कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी पिता के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की कठोर धाराओं और भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस ने साक्ष्यों को संकलित कर कानूनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया है।
गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया आरोपी
मामले की विवेचना कर रही पुलिस टीम ने शनिवार को बड़ी तत्परता दिखाते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित किशोरी को हर संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
समाज के लिए सबक और विधिक प्रक्रिया
इस जघन्य अपराध ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और पारिवारिक सुरक्षा के सवाल को एक बार फिर से खड़ा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया है कि विवेचना को समयबद्ध तरीके से पूरा कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि दरिंदे पिता को कानून के दायरे में कठोरतम सजा मिल सके। फिलहाल, पीड़िता की काउंसलिंग और मेडिकल परीक्षण सहित अन्य सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। यह मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह समाज के उन सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाता है जिन्हें हर हाल में सुरक्षित रखना अनिवार्य है।





















































