धार्मिक नगरी मथुरा में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस का सघन अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार देर रात मथुरा के थाना जैत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इलाके में दहशत का पर्याय बन चुके ट्रांसफार्मर चोर गिरोह के दो खूंखार बदमाशों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है। उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती वारदातों पर एक कड़ा प्रहार किया है।
मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस का एक्शन
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 की रात लगभग 11:05 बजे थाना जैत पुलिस को अपने एक बेहद विश्वसनीय मुखबिर से एक अहम सुराग मिला था। सूचना यह थी कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी के कई मुकदमों में वांछित चल रहे दो शातिर अपराधी रामताल रोड स्थित जैत माइनर बम्मे की ओर बढ़ रहे हैं। यह भी अंदेशा था कि दोनों किसी नई और बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने की फिराक में इलाके की रेकी कर रहे हैं। इस पुख्ता जानकारी के मिलते ही थाना जैत पुलिस ने बिल्कुल भी समय नहीं गंवाया और एक विशेष टीम का गठन कर इलाके की कड़ी घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस को देखते ही झोंका फायर, जवाबी कार्रवाई में पस्त
जैसे ही संदिग्ध बदमाश पुलिस के बिछाए जाल में फंसे और पुलिस टीम ने उन्हें सरेंडर करने की चेतावनी दी, उन्होंने पुलिस पार्टी पर सीधा जानलेवा हमला बोल दिया। बदमाशों की ओर से की गई अचानक फायरिंग का पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। आत्मरक्षार्थ और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश गोली लगने से बुरी तरह घायल हो गए। एक बदमाश के बाएं और दूसरे के दाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद दोनों वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें तुरंत धर दबोचा।
बिना नंबर की स्कॉर्पियो और हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ स्थल की सघन तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग और भारी मात्रा में सामान लगा है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो कार जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल वे संभवतः अपराध को अंजाम देने और माल ढोने के लिए करते थे। इसके अलावा, पुलिस ने उनके पास से दो अवैध देसी तमंचे (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस और तीन खोखे बरामद किए हैं। घटनास्थल से ट्रांसफार्मर खोलने और चोरी करने में प्रयुक्त होने वाले विशेष उपकरण, जैसे नट-बोल्ट, भारी प्लेटें, रस्सा और अन्य टूल्स भी बरामद किए गए हैं, जो उनके शातिर मंसूबों की पूरी पोल खोलते हैं।
फिरोजाबाद के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, खंगाल रहे क्राइम कुंडली
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में घायल बदमाशों की पहचान अनिल उर्फ पुष्पेंद्र (28 वर्ष) और योगेश उर्फ टीपू (29 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों ही मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घायल बदमाशों को तत्काल प्राथमिक उपचार मुहैया कराते हुए वृन्दावन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन दोनों ही अपराधियों का एक लंबा और संगीन आपराधिक इतिहास रहा है। मथुरा जिले के थाना जैत और जमुनपार में इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विद्युत अधिनियम की कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, अनिल पर फिरोजाबाद के नगला खंगर थाने और योगेश पर लाइनपार थाने में भी मारपीट समेत कई अन्य आपराधिक मामले पहले से ही पंजीकृत हैं।
पूरे गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी ने इस सफलता पर बात करते हुए स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने के लिए उनके अन्य फरार साथियों और नेटवर्क की सरगर्मी से तलाश कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन शातिर अपराधियों के जेल जाने से न केवल मथुरा बल्कि आसपास के जनपदों में भी ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रूप से अंकुश लगेगा।





















































