उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां घरेलू कलह और शराब के नशे ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हटही गांव में मां-बाप के बीच हुए हिंसक विवाद की कीमत उनकी छह वर्षीय मासूम बेटी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चिकन बनाने की मामूली बात से शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते इतना उग्र हो गया कि दोनों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी हाथापाई के बीच फंसी नन्ही बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे उसकी सांसे हमेशा के लिए थम गईं।
नशे की हालत में चिकन लेकर पहुंचा था घर
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वाकया 24 सितंबर की देर शाम का है। गांव निवासी 35 वर्षीय प्रमोद गौतम अत्यधिक शराब पीकर अपने घर पहुंचा था। उसके हाथ में चिकन था, जिसे उसने अपनी पत्नी को तुरंत पकाने के लिए कहा। पत्नी ने इस बात का विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। शराब के प्रभाव में आकर प्रमोद अपना आपा खो बैठा और देखते ही देखते दोनों ओर से गाली-गलौज के बाद लात-घूंसे चलने लगे।
माता-पिता के विवाद में पिस गई 6 वर्षीय मासूम
कमरे में मचे इस कोहराम और मारपीट के दौरान दंपती की छह साल की बेटी भी वहीं मौजूद थी। माता-पिता के बीच चल रहे इस भीषण टकराव के बीच मासूम बच्ची अचानक चपेट में आ गई और बुरी तरह जख्मी हो गई। बच्ची की हालत बिगड़ती देख घर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में परिजन उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां तैनात चिकित्सकों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
फॉरेंसिक जांच जारी, आरोपी पिता पुलिस हिरासत में
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक फील्ड यूनिट तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है, जबकि आरोपी पिता को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन के लिए कमरे से जरूरी नमूने जुटाए हैं ताकि घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।
अंदरूनी चोट से मौत की आशंका, रिपोर्ट का इंतजार
मामले के संदर्भ में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नितेश सिंह ने आधिकारिक बयान में बताया कि शुरुआती पूछताछ में पति के नशे में होने और दंपती की हाथापाई के दौरान बच्ची के हताहत होने की पुष्टि हुई है। प्राथमिक चिकित्सीय परीक्षण में बच्ची के शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी गंभीर घाव या रक्तस्राव के निशान नहीं दिखाई दिए हैं। पुलिस प्रशासन अब इस पहलू से पड़ताल कर रहा है कि कहीं मारपीट के दौरान बच्ची किसी दीवार, तख्त या अन्य भारी वस्तु से तो नहीं टकराई, जिसके चलते उसे गंभीर अंदरूनी चोट लगी हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।




















































