उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से साइबर उत्पीड़न और गंभीर प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गांव के ही एक सिरफिरे युवक की नापाक हरकतों के कारण बीए की छात्रा को कॉलेज जाना तक छोड़ना पड़ा। आरोपी ने छात्रा के नाम से नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा किए तथा उनके साथ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां व गालियां पोस्ट कर दीं। लगातार बढ़ते मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी के भय से पीड़िता ने अपनी शिक्षा रोक दी। परिवार की औपचारिक तहरीर और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को धर दबोचा है।
नकली इंस्टाग्राम प्रोफाइल से तीन महीने तक मानसिक प्रताड़ना
यह पूरा प्रकरण प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित चिरैया का पुरवा (बिसौना) गांव का है। गांव के निवासी अशोक कुमार यादव ने 23 सितंबर को थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का कहना है कि वे बीते करीब तीन महीनों से लगातार इस डिजिटल उत्पीड़न और अपमान का सामना कर रहे थे। एक अज्ञात सोशल मीडिया हैंडल से छात्रा की निजी तस्वीरें व वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे, जिनमें गंदी शब्दावली और अपमानजनक बातें लिखी जा रही थीं। इन भद्दे पोस्ट्स के वायरल होने से छात्रा गहरे सदमे में आ गई और उसने घर से निकलना व कॉलेज की कक्षाएं लेना पूरी तरह बंद कर दिया।
गांव लौटते ही रची साजिश, परिवार को सौंपे गए थे अहम सबूत
जांच में जुटी पुलिस को परिवार ने उस फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के स्क्रीनशॉट, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराए। तकनीकी छानबीन में चौंकाने वाला सच उजागर हुआ कि यह हरकत किसी बाहरी की नहीं बल्कि गांव के ही एक युवक की थी। आरोपी राज्य से बाहर रहकर एक निजी कंपनी में कार्यरत था और कुछ समय पहले ही गांव लौटा था। गांव आते ही उसने दुर्भावनापूर्ण नीयत से छात्रा के नाम पर फर्जी अकाउंट सक्रिय किया और लगातार अमर्यादित सामग्री प्रसारित करने लगा। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध करने का प्रयास किया तो वह समझौते का अनुचित दबाव बनाने लगा।
तमंचे के दम पर जान से मारने की धमकी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पीड़ित छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी तमंचा लेकर बेखौफ घूमता था और खुलेआम जान से मारने की धमकियां देता था। वह खुद को कानून से ऊपर बताते हुए दावा करता था कि उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता, जिससे पूरा परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट थाना पुलिस ने विभिन्न सुसंगत धाराओं में प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की और दबिश देकर देर रात आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। थाना प्रभारी वैभव सिंह के अनुसार, पुलिस टीम जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों, संबंधित फर्जी आईडी और उससे साझा की गई पोस्ट्स की तकनीकी जांच पूरी कर रही है ताकि आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जा सके।




















































