नोएडा। अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के शांतिपूर्ण और निर्विघ्न आयोजन को लेकर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे इलाके को कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में तैयार किए गए सुरक्षा खाके के तहत कमिश्नरेट क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती रही। विभिन्न राष्ट्रों से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की हिफाजत और कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने के लिए सार्वजनिक परिवहन केंद्रों, प्रमुख राजमार्गों, संवेदनशील पिकेट्स और जिले की सभी सीमाओं पर दिन-रात सघन निगरानी एवं चेकिंग अभियान संचालित किया गया।
मेट्रो स्टेशनों से लेकर टैक्सी स्टैंड्स तक चला सघन चेकिंग अभियान
सुरक्षा रणनीति के शुरुआती चरण में 8 सितंबर को कमिश्नरेट के 35 मेट्रो परिसरों सहित 121 ऑटो, कैब और बस स्टैंड्स पर व्यापक तलाशी अभियान छेड़ा गया। इस औचक कार्रवाई के तहत 2,102 संदेहास्पद और सामान्य वाहनों की बारीकी से पड़ताल की गई। ट्रैफिक प्रोटोकॉल तोड़ने पर 799 गाड़ियों के चालान काटे गए और 32 वाहनों को मौके पर ही जब्त (सीज) किया गया। इसके अतिरिक्त संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर 256 व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 292 के तहत दंडात्मक कानूनी कदम उठाए गए। रणनीतिक स्थानों पर स्थायी पिकेट लगाने के साथ ही क्यूआरटी और पुलिस वाहनों द्वारा अनवरत गश्त सुनिश्चित की गई।
10 से 13 सितंबर के बीच ताबड़तोड़ चालान और साइबर कैफे पर शिकंजा
सुरक्षा के दायरे को विस्तार देते हुए 10 और 11 सितंबर को धरपकड़ मुहिम और तेज कर दी गई। इन 48 घंटों में नियम विरुद्ध दौड़ रहे 2,551 वाहनों के चालान किए गए, 115 गाड़ियों को सीज किया गया और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत 9 प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की गईं। साथ ही 958 व्यक्तियों पर धारा 292 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई हुई। उच्चाधिकारी स्वयं सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। सुरक्षा के डिजिटल पहलू को मजबूत करने के लिए 12 सितंबर को 192 साइबर कैफे का औचक निरीक्षण किया गया। संचालकों को आगंतुकों का अनिवार्य पहचान सत्यापन, सटीक लॉगबुक संधारण और साइबर सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। इसके अगले दिन 13 सितंबर को अभियान के तहत 1,582 वाहनों के चालान, 65 गाड़ियां सीज, 6 मुकदमे दर्ज और 529 लोगों पर बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई।
रूसी प्रतिनिधिमंडल के लिए जेवर एयरपोर्ट पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
सम्मेलन के तहत रूस के उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के आगमन के मद्देनजर नवनिर्मित जेवर एयरपोर्ट पर अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। डेलिगेशन के कई विमानों को एयरपोर्ट पर सुरक्षित पार्क कराया गया, जिनके ठहराव के लिए ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के प्रमुख होटलों का चयन किया गया था। एयरपोर्ट पर खड़े इन विशेष विमानों की सुरक्षा में विशेष पुलिस गार्ड और पीएसी की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गईं। हवाई अड्डे के बाहरी सुरक्षा घेरे (आउटर कॉर्डन) को पुख्ता करते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, नजदीकी एप्रोच रोड्स और प्रत्येक एंट्री-एग्जिट गेट पर बैरिकेडिंग कर पैनी जांच की गई। इससे पहले 6 सितंबर को ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम-2026 में सम्मिलित होने आए मुख्य न्यायाधीशों और रूसी प्रतिनिधियों के आवागमन मार्ग पर भी कड़ा सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहा।
वीआईपी मूवमेंट: एक्सप्रेसवे पर कड़ी निगरानी और अंतर-विभागीय समन्वय
सम्मेलन की निरंतरता में 14 सितंबर को युगांडा के उपराष्ट्रपति के दिल्ली से आगरा प्रवास के दौरान ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा की अचूक किलेबंदी रही। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सहित सभी डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों ने स्वयं फील्ड में रहकर काफिले की सुगम आवाजाही की कमान संभाली। पुलिस तंत्र की विभिन्न इकाइयों के बीच तालमेल, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और लगातार सक्रियता के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।





















































