नोएडा। औद्योगिक महानगर नोएडा के अतिव्यस्त एलिवेटेड रोड पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की खेप लेकर जा रहे एक ट्रक में अचानक आग भड़क उठी। यह घटना सेक्टर-18 से सेक्टर-61 की ओर जाने वाले मार्ग पर घटित हुई। सैकड़ों ज्वलनशील सिलेंडरों से लदे वाहन में लपटें उठती देख मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, सूचना मिलते ही हरकत में आई दमकल विभाग की टीम ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पाकर एक संभावित भीषण तबाही को समय रहते टाल दिया।
सड़क पर धुआं उठते ही मची भगदड़, लोगों ने दी आपातकालीन सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना सेक्टर-24 थाना क्षेत्राधिकार में स्थित एलिवेटेड रोड के हिस्से पर पेश आई। एलपीजी गैस सिलेंडरों से लदा भारी वाहन जब इस मार्ग से गुजर रहा था, तभी अचानक उसके निचले हिस्से से गाढ़ा काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते वाहन के केबिन और चेसिस के पास आग की लपटें दिखाई देने लगीं। मार्ग पर चल रहे अन्य राहगीरों ने जब ट्रक में बड़ी तादाद में घरेलू गैस सिलेंडर लदे देखे, तो वहां तत्काल भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों को अनहोनी की आशंका सताने लगी, क्योंकि सिलेंडरों में जरा सा भी विस्फोट एलिवेटेड रोड के पूरे ढांचे और आसपास के ट्रैफिक को भारी नुकसान पहुंचा सकता था। जागरूक नागरिकों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को आपातकालीन नंबर पर इसकी जानकारी दी।
दमकल कर्मियों का त्वरित एक्शन, सिलेंडरों तक पहुंचने से पहले थमीं लपटें
घटना की गंभीरता और खतरे के स्तर को भांपते हुए दमकल केंद्र से पानी के टेंडरों के साथ फायर फाइटर्स का दल तुरंत मौके पर पहुंचा। अग्निशामकों ने एक पल भी जाया किए बिना सीधे आग बुझाने का ऑपरेशन शुरू कर दिया। फायर टीम की सर्वोच्च प्राथमिकता लपटों को ट्रक के पिछले हिस्से, जहां भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर रखे थे, तक पहुंचने से रोकना था। पानी और फोम की बौछार कर जवानों ने बेहद सूझबूझ से आग को वाहन के निचले हिस्से में ही सीमित कर दिया और उसे पूरी तरह बुझा दिया। दमकल कर्मियों की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की बदौलत गैस सिलेंडरों तक ताप नहीं पहुंचा और कोई अप्रिय विस्फोट नहीं हुआ।
टल गया बड़ा जान-माल का नुकसान, कारणों की पड़ताल जारी
दमकल विभाग की समय पर की गई इस कार्रवाई से न सिर्फ एलिवेटेड रोड पर सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई, बल्कि एक बड़ा ढांचागत हादसा भी होने से बच गया। यदि आग गैस सिलेंडरों के संपर्क में आ जाती, तो सिलसिलेवार धमाकों से भारी जान-माल की क्षति हो सकती थी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वाहन के निचले हिस्से में शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक घर्षण के कारण चिंगारी उठने और धुआं निकलने की बात कही जा रही है। हालांकि, घटना के सटीक तकनीकी कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।





















































