लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास और विभिन्न वर्गों के आर्थिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए इस उच्चस्तरीय बैठक में 18 प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के स्पष्ट संकेत हैं। इस कैबिनेट बैठक के केंद्र में अन्नदाता किसान, सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान, राशन विक्रेता और प्रदेश के उद्यमी शामिल हैं, जिनके लिए सरकार खजाने का मुंह खोलने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
40 हजार पीआरडी जवानों की आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य सुरक्षा होगी मजबूत
बैठक के प्रमुख एजेंडे में प्रांतीय रक्षक दल के लगभग 40 हजार सक्रिय स्वयंसेवकों के मानदेय में वृद्धि का मसौदा शामिल है। लंबे समय से सेवारत इन जवानों के दैनिक या मासिक भत्तों में सम्मानजनक बढ़ोत्तरी पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है। इसके साथ ही एक अन्य संवेदनशील फैसले के तहत जवानों और उनके परिजनों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का कवच प्रदान करने की योजना भी विचाराधीन है। इस कदम से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले जवानों को ठोस सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।
किसानों को रियायती दर पर छह लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों की लागत घटाने के उद्देश्य से एक नई वित्तीय सहायता योजना को मंजूरी दी जा सकती है। इसके अंतर्गत किसानों को मात्र छह प्रतिशत की रियायती वार्षिक ब्याज दर पर छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव लाया गया है। इस आसान और किफायती कर्ज व्यवस्था से कृषकों को आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने, ट्यूबवेल लगाने और नई तकनीकों को अपनाने में सीधी मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में इजाफा संभव हो सकेगा।
राशन कोटेदारों के कमीशन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का खाका
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को धरातल पर संचालित करने वाले कोटेदारों को भी इस बैठक से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राशन दुकानदारों के लाभ मार्जिन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की दर से इजाफा करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। कमीशन में यह बढ़ोतरी विक्रेताओं की पुरानी मांग को पूरा करते हुए उनके वितरण कार्य को अधिक व्यावहारिक और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी बनाएगी।
नई खिलौना नीति से औद्योगिक निवेश और स्थानीय रोजगार को पंख
राज्य को मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में सरकार नई खिलौना संवर्धन नीति को लागू करने की रूपरेखा तैयार कर चुकी है। इस नई नीति के प्रभावी होने से देश-विदेश के खिलौना निर्माताओं को उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और सब्सिडी मिलेगी। इस पहल से पारंपरिक कारीगरों के साथ-साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
अयोध्या में एनएसजी रीजनल हब की स्थापना के लिए जमीन का आवंटन
सुरक्षा के परिदृश्य से भी यह कैबिनेट बैठक मील का पत्थर साबित हो सकती है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) का एक नया क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की योजना है। इस सामरिक उद्देश्य के लिए 65 एकड़ भूमि के हस्तांतरण से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी। राज्य सरकार के इन तमाम जनहितकारी और सुरक्षा संबंधी प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय को लेकर पूरे प्रदेश में उत्सुकता बनी हुई है।





















































