आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में मंगलवार की अलसुबह एक अत्यंत दुखद मार्ग दुर्घटना में तीन किशोरों की अकाल मृत्यु हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर पूजा पंडाल को भव्य रूप देकर सवेरे-सवेरे चाय की चुस्कियां लेने निकले नौ अभिन्न दोस्तों की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब उनकी तेज रफ्तार अनियंत्रित कार सीधे मार्ग किनारे खड़े एक मजबूत वृक्ष से जा टकराई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद संबंधित परिवारों में कोहराम मच गया है और समूचे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
रातभर की पंडाल की सजावट, फिर चाय के लिए सरायमीर का रुख
घटनाक्रम के अनुसार, फूलपुर कस्बे में आयोजित होने वाले गणेश उत्सव को लेकर स्थानीय किशोरों में भारी उत्साह था। 16 से 17 वर्ष आयु वर्ग के नौ हमउम्र साथी पूरी रात जागकर पंडाल की सजावट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। रातभर चले कड़े परिश्रम के पश्चात मंगलवार तड़के लगभग साढ़े चार बजे सभी मित्रों ने चाय पीने की योजना बनाई। ताजगी पाने के उद्देश्य से ये सभी साथी एक स्विफ्ट डिजायर कार में सवार हुए और फूलपुर से सरायमीर मार्ग की ओर रवाना हो गए। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और यह सफर उनके जीवन का सबसे त्रासद मोड़ साबित हुआ।
पेड़ से टकराकर उड़े कार के परखच्चे, चीख-पुकार से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सरायमीर की तरफ बढ़ते समय कार की गति काफी तेज थी। अचानक चालक ने वाहन पर से अपना संतुलन खो दिया और बेकाबू हुई चार पहिया गाड़ी सड़क किनारे स्थित पेड़ से भीषण वेग के साथ टकरा गई। संघात इतना प्रचंड था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर पिचक गया। जोरदार भिड़ंत की आवाज और घायलों की हृदयविदारक चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कार की बनावट इतनी बुरी तरह बिगड़ चुकी थी कि अंदर बैठे कई किशोर क्षतिग्रस्त ढांचे के बीच फंस गए।
पुलिस और ग्रामीणों ने शुरू किया रेस्क्यू, तीन घरों के बुझे चिराग
सड़क हादसे की खबर पाकर सरायमीर थाने की पुलिस टीम अविलंब मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी को काटकर अंदर फंसे सभी नौ किशोरों को बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी ताहिर मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षणोपरांत तीन किशोरों—17 वर्षीय सत्यम मोदनवाल (पुत्र नाटे मोदनवाल), 17 वर्षीय निखिल मद्धेशिया (पुत्र राम फेर) तथा लकी सोनकर (पुत्र अखिल सोनकर)—को मृत घोषित कर दिया। अल्पायु में तीन होनहार लड़कों के असमय निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छह घायलों का उपचार जारी, पुलिस जुटी अग्रिम वैधानिक कार्रवाई में
इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सक्षम बरनवाल और अंश सोनकर सहित कुल छह किशोरों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिनका अस्पताल में विशेषज्ञों की देखरेख में सघन उपचार चल रहा है। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) किरण पाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण तेज गति और वाहन का नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया है और दुर्घटना से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की विस्तृत छानबीन की जा रही है।





















































