अयोध्या: धर्मनगरी अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के उपरांत अब विकास कार्यों का अगला बड़ा अध्याय शुरू होने जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को अयोध्या में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मुख्य ढांचा पूर्ण होने के बाद अब सारा ध्यान इस भव्य संग्रहालय को वैश्विक स्तर का रूप देने पर केंद्रित किया गया है। इसके तहत आगामी 10 अक्टूबर से संग्रहालय की सभी 20 आधुनिक गैलरियों के लिए निविदा प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ कर दी जाएगी।
हर गैलरी की कथा और रूपरेखा तय, अत्याधुनिक तकनीक का होगा संगम
नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि संग्रहालय निर्माण का सबसे व्यापक और तकनीकी चरण अब जमीन पर उतरने वाला है। कुल बीस दीर्घाओं (गैलरी 1 से 20) में विभाजित इस संग्रहालय की प्रत्येक दीर्घा की विषयवस्तु, पटकथा और मूल रूपरेखा पहले ही अंतिम रूप से निर्धारित कर ली गई है। उन्होंने संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूरी कथावस्तु को बेहद श्रमपूर्वक और प्रामाणिक ढंग से संजोया गया है। अब इसी खाके के अनुरूप इमर्सिव विजुअल तकनीक, 3डी इफेक्ट्स और अत्याधुनिक डिजिटल प्रारूपों के जरिए भगवान राम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के वीडियो और दृश्य तैयार किए जाएंगे।
हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर के लिए जारी होंगे टेंडर, छह माह में पूरा होगा काम
संग्रहालय को तकनीकी रूप से समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक डिजिटल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद का कार्य भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अध्यक्ष ने जानकारी दी कि तकनीक से संबंधित टेंडर 10 अक्टूबर तक जारी कर दिए जाएंगे और माह के अंत तक इनके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अनुबंध अंतिम होते ही गैलरियों को सुसज्जित करने का काम युद्धस्तर पर शुरू होगा, जिसे आगामी छह महीनों के भीतर मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु प्रभु राम के आदर्शों और कथाओं को जीवंत रूप में अनुभव कर सकेंगे।
परिसर में ऑडिटोरियम का निर्माण प्रगति पर, नए साल में होगा तैयार
मंदिर परिसर और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में जारी अन्य विकास योजनाओं का ब्योरा देते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि परिसर के आंतरिक और बाहरी हिस्से में बनने वाले भव्य सभागार (ऑडिटोरियम) का निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहा है। तकनीकी कारणों से इस परियोजना में लगभग तीन से चार माह का विलंब अवश्य हुआ है, लेकिन अब यह काम गति पकड़ चुका है और आगामी जनवरी अथवा फरवरी तक इसका निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न होने की प्रबल संभावना है।
श्रद्धालुओं की सहूलियत को प्राथमिकता देगा राम जन्मभूमि ट्रस्ट
अयोध्या के चहुंमुखी विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ विभिन्न विकास एजेंसियां शहर के बुनियादी ढांचे को संवारने में जुटी हैं। मंदिर परिसर के भीतर भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों के संदर्भ में अंतिम निर्णय अब तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यास के आगामी सभी निर्णय पूर्णतः रामभक्तों की सुविधाओं, आवश्यकताओं और सुगम दर्शन व्यवस्था को सर्वोपरि रखकर लिए जाएंगे।





















































