उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि साल 2017 से पहले सूबे में न तो विकास की कोई ठोस नीति थी और न ही तत्कालीन हुक्मरानों की कोई साफ नीयत थी। शनिवार को कुशीनगर में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की प्रशासनिक अपंगता के कारण उत्तर प्रदेश लंबे समय तक पिछड़ता रहा, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इंसेफेलाइटिस और मुसहर समुदाय की उपेक्षा पर घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल के दर्द को बयां करते हुए पिछली सरकारों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब हर साल इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) जैसी घातक बीमारी से हजारों मासूम दम तोड़ देते थे। उस समय सत्ता में बैठे लोगों को इन बच्चों और उनके परिवारों की कोई फिक्र नहीं थी। कुशीनगर के मरीजों को बुनियादी इलाज तक के लिए गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज भागना पड़ता था, क्योंकि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर थीं।
इसके साथ ही सीएम योगी ने मुसहर समुदाय की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि सूबे में चार-चार बार हुकूमत का लुत्फ उठाने वालों ने इस अत्यंत पिछड़े समाज के लिए कुछ नहीं किया। सपा शासन में गरीबों को न तो पक्के मकान मिले, न ही जमीन के पट्टे दिए गए। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गरीब भूख से मरने को मजबूर थे और तत्कालीन हुक्मरान मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे थे।
‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर
सूबे की कानून-व्यवस्था में आए अमूलचूल परिवर्तन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज की तारीख में उत्तर प्रदेश में उपद्रवियों और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बोलते हुए उन्होंने एक नया नारा दिया कि आज राज्य में “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा” की स्थिति पूरी तरह धरातल पर दिख रही है।
उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों के दौरान डबल इंजन सरकार की कड़ी नीति के कारण ही आज प्रदेश का माहौल बदला है। अब हर जाति, वर्ग और समुदाय के लोग बिना किसी डर के, पूरी सुरक्षा के साथ अपने-अपने पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मना रहे हैं। दंगाइयों और गुंडों को संरक्षण देने का दौर अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है।
तुष्टिकरण की राजनीति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर बड़ा दावा
सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए भेदभाव को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन में बहुसंख्यक समाज के धार्मिक आयोजनों पर तरह-तरह के प्रतिबंध थोप दिए जाते थे। यही नहीं, मंदिरों के विकास और सुंदरीकरण के लिए आने वाले सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जाता था और आस्था के केंद्रों पर अवैध कब्जे होते थे।
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने इस सोच को बदला है। आज प्रदेश में किसी भी धार्मिक स्थल पर अवैध कब्जा नहीं हो सकता, बल्कि पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों का तेजी से संरक्षण तथा सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हवाई सेवाओं के विस्तार का रोडमैप
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर नए विमानों की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे यहां की एयर कनेक्टिविटी में कुछ रुकावटें आईं।
हालाँकि, उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जैसे ही नए विमान उपलब्ध होंगे, कुशीनगर से हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। आने वाले समय में कुशीनगर को जेवर (नोएडा) इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बिहार के गयाजी से भी सीधे हवाई मार्ग द्वारा जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यटन और रोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग आज विकास कार्यों पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपने कार्यकाल के काले कारनामों और नाकामियों का हिसाब जनता को देना चाहिए।





















































