उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक नगरी वाराणसी के स्थानीय निवासियों को एक ऐतिहासिक सौगात दी है। अब काशी के लोग बिना किसी लंबी कतार के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुगमता से दर्शन कर सकेंगे। सरकार ने स्थानीय नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मंदिर परिसर में वीआईपी दर्शन की विशेष सुविधा को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत, वाराणसी के मूल निवासी ‘काशी द्वार’ के माध्यम से सीधे प्रवेश पा सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल अपना पहचान पत्र दिखाना होगा, जिसके बाद वे पूरे दिन में कभी भी बाबा विश्वनाथ के सुलभ दर्शन का लाभ उठा सकते हैं। सरकार के इस कदम से स्थानीय जनता में हर्ष का माहौल है।
स्थानीय श्रद्धालुओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, लोगों ने जताया आभार
इस कल्याणकारी निर्णय के लागू होने के बाद बाबा के दरबार में पहुंचे स्थानीय श्रद्धालुओं ने नई व्यवस्था पर अपनी खुशी जाहिर की। शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत के दौरान वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने सरकार के इस कदम की सराहना की। मंदिर दर्शन करने आईं स्थानीय निवासी मंजू मिश्रा ने इस पहल को अद्भुत और सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि काशी का निवासी होने के बावजूद भारी भीड़ के कारण कई बार लोग बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर पाते थे, लेकिन अब इस नई व्यवस्था ने इसे पूरी तरह संभव और आसान बना दिया है।
देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
एक अन्य स्थानीय नागरिक ने इस व्यवस्था को काशीवासियों के लिए एक अमूल्य उपहार बताया। उन्होंने साझा किया कि वाराणसी में प्रतिदिन देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाहरी भक्तों के भारी जनसैलाब के चलते स्थानीय लोगों के लिए चाहकर भी नियमित रूप से मंदिर आना और दर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। नई नियमावली के लागू होने से न केवल आम काशीवासियों के लिए राह आसान हुई है, बल्कि मंदिर परिसर के भीतर भीड़ प्रबंधन भी काफी बेहतर और नियंत्रित नजर आ रहा है। उन्होंने इस सुगम व्यवस्था के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से धन्यवाद किया।
तड़के सुबह से लेकर देर रात तक वीआईपी प्रवेश, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा लाभ
पुरानी व्यवस्था का जिक्र करते हुए एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि पहले स्थानीय नागरिकों के लिए केवल सुबह 4:00 से 5:00 बजे के बीच ही स्पर्श दर्शन का समय निर्धारित था। मात्र एक घंटे की इस समयावधि में अत्यधिक भीड़ हो जाती थी, जिसके कारण धक्का-मुक्की की स्थिति बनती थी और बहुत से लोगों को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ता था।
अब बदली हुई व्यवस्था के तहत काशी के लोग अपने वैध पहचान पत्र के माध्यम से सुबह 4:00 बजे से लेकर रात के 11:00 बजे तक किसी भी समय ‘काशी द्वार’ से वीआईपी प्रवेश पा सकते हैं। इस नई समय-सारणी का सबसे बड़ा फायदा काशी के बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिला श्रद्धालुओं को मिला है, जो पहले भारी भीड़-भाड़ और लंबी लाइनों के डर से मंदिर आने से कतराते थे। अब वे पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ बाबा महाकाल का आशीर्वाद ले पा रहे हैं।





















































