राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) के बाशिंदों को आने वाले दिनों में मौसम के दोहरे तेवर झेलने के लिए तैयार रहना होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, चालू सप्ताह के दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के आसार नहीं हैं। विभाग ने पूरे हफ्ते के लिए ‘नो वार्निंग’ यानी किसी भी तरह की गंभीर चेतावनी न होने की स्थिति बरकरार रखी है। हालांकि, इस दौरान स्थानीय स्तर पर घने बादल विकसित होने से कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें जरूर पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि व्यापक स्तर पर मानसूनी बारिश न होने के कारण वायुमंडल में नमी बढ़ेगी और धूप निकलने से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
वीकेंड पर कैसा रहेगा मौसम का हाल?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। शनिवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश के बावजूद राहत मिलने की उम्मीद कम है, क्योंकि इस दिन सुबह के समय हवा में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 85 प्रतिशत और शाम के वक्त लगभग 80 प्रतिशत तक दर्ज किया जा सकता है। अत्यधिक नमी के कारण लोगों को भारी उमस का अहसास होगा।
अगले दो दिनों में बढ़ेगा पारा, आंशिक रूप से छाए रहेंगे बादल
सप्ताह के आगे बढ़ने के साथ ही पारे में उछाल देखने को मिलेगा। 12 जुलाई को मौसम के मिजाज में मामूली बदलाव आएगा और आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दिन अधिकतम तापमान बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
यही स्थिति 13 जुलाई को भी बरकरार रहने वाली है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है। मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, इस दौरान सुबह के समय आर्द्रता 80 प्रतिशत और शाम ढलते-ढलते घटकर 65 प्रतिशत रह जाएगी, जिससे दोपहर के समय धूप और गर्मी का असर काफी तीखा महसूस होगा।
मध्य सप्ताह में भी राहत के आसार नहीं, उमस से बढ़ेगी परेशानी
जुलाई महीने के मध्य में भी एनसीआर वासियों को उमस भरी गर्मी से निजात मिलती नहीं दिख रही है। 14 जुलाई को मौसम के रुख में कोई बड़ा उलटफेर होने की संभावना नहीं है। अनुमान है कि इस दिन भी अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा। वहीं, सुबह के वक्त 80 प्रतिशत और शाम को 65 प्रतिशत की उच्च आर्द्रता के कारण लोगों का पसीना छूटेगा।
इसके बाद 15 और 16 जुलाई को भी मौसमी परिस्थितियां कमोवेश एक जैसी ही बनी रहेंगी। बुधवार और गुरुवार दोनों ही दिन आसमान सामान्य रूप से बादलों की ओट में छिपा रहेगा। इन दिनों में भी अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है। लगातार बढ़ते पारे और मानसूनी हवाओं की अनुपस्थिति के बावजूद आईएमडी ने इन दोनों दिनों के लिए भी कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है।
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?
निजी और सरकारी मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की बेरुखी के चलते फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में किसी व्यापक या मूसलाधार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन रही हैं। स्थानीय स्तर पर वायुमंडलीय दबाव और हीटिंग के कारण अचानक बादल बन सकते हैं, जिससे कुछ चुनिंदा पॉकेट्स में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा सकती है। मगर यह बारिश तापमान को गिराने में नाकामी साबित होगी। विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि नमी का स्तर ऊंचा रहने और हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण खासकर दोपहर के वक्त उमस चरम पर होगी, जो आम जनजीवन को खासा प्रभावित कर सकती है।





















































