उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दर्शना गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवती और युवक के क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मुरसान थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है। मौके से बरामद दस्तावेजों और रेलवे टिकटों की मदद से मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि ये दोनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर से यहां पहुंचे थे। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले को हत्या और आत्महत्या के नजरिए से देख रही है और गहन जांच में जुटी है।
ग्वालियर से गायब हुए थे दोनों
जांच में सामने आया कि मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 25 वर्षीय आनंद कुशवाहा और 17 वर्षीय एक किशोरी के रूप में हुई है। किशोरी के परिजनों ने बीते एक जून को स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को कोई बहला-फुसलाकर अगवा कर ले गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, लड़की 30 मई को अपने घर से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, युवती को ग्वालियर से आनंद और एक अन्य युवक के साथ यात्रा करते देखा गया था, जिसमें से दूसरा युवक बाद में वापस लौट आया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
क्षेत्राधिकारी जे.एन. अस्थाना ने बताया कि शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि क्या यह कोई सोची-समझी आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है। ट्रैक पर शवों की स्थिति को देखते हुए फॉरेंसिक टीम भी सबूत जुटाने में लगी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई उसी आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में पुलिस पर हमला: जोली गांव में बवाल, पथराव में दरोगा और सिपाही घायल
मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोली गांव में मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया, जब दो गुटों के बीच हुई झड़प को सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। इस हमले में पुलिस चौकी प्रभारी सुमित चौधरी और सिपाही धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। भोपा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उपद्रवियों ने छतों से पुलिस टीम पर पत्थर बरसाए, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
कानून व्यवस्था को चुनौती, 20 लोगों पर मुकदमा
पुलिस टीम पर हुए इस हमले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। झड़प की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल जब मौके पर पहुंचा, तो अचानक छतों से भारी पथराव शुरू हो गया। हमले में घायल हुए पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 नामजद समेत कुल 20 उपद्रवियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इलाके में एहतियातन पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।





















































