भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। महराजगंज जिले के सोनौली सीमा क्षेत्र से सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक ऐसे तस्कर को दबोचने में सफलता हासिल की है, जिसके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत की उच्च श्रेणी की ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ (नशीली गांजा प्रजाति) बरामद की गई है। इस बड़ी बरामदगी ने सीमा पार सक्रिय ड्रग सिंडिकेट की कार्यप्रणाली को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
गुप्त सूचना पर SSB का सटीक प्रहार
सशस्त्र सीमा बल की सहायक कमांडेंट प्रिया यादव ने घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों को लंबे समय से सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर मंगलवार की शाम को सोनौली बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई थी। जांच के दौरान जवानों को एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियां महसूस हुईं, जिसके बाद उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके बैग से 2.30 किलोग्राम से अधिक वजन की बेहद कीमती और प्रतिबंधित हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है।
तमिलनाडु का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी 34 वर्षीय मोहम्मद इदरीश के रूप में की गई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पैदल ही नेपाल के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते वह अपनी योजना में सफल नहीं हो सका। पकड़े जाने के बाद आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल, संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस और नारकोटिक्स विभाग आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं।
नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां
अधिकारियों का मानना है कि मोहम्मद इदरीश केवल एक ‘कैरियर’ (वाहक) हो सकता है, जो इस विशाल तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि यह नशीली खेप आखिर कहां से आई थी और भारत में किसे इसकी सप्लाई की जानी थी। एजेंसियां इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स और स्थानीय सहयोगियों की तलाश में जुट गई हैं। पकड़े गए तस्कर के मोबाइल कॉल डिटेल्स और यात्रा इतिहास को खंगाला जा रहा है ताकि इस तस्करी के पूरे रूट का पर्दाफाश किया जा सके।
सोनौली बॉर्डर पर कड़ी निगरानी
सोनौली सीमा भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन का प्रमुख केंद्र है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में मादक पदार्थों की बरामदगी के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं को देखते हुए सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने अपनी इंटेलिजेंस विंग को और अधिक सक्रिय कर दिया है। अब संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को जड़ से खत्म किया जा सके। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर एक साझा रणनीति पर काम कर रही हैं ताकि नशीली दवाओं के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।





















































