उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुलिस को एक बेहद सनसनीखेज और अंतरराज्यीय मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रामपुर की बिलासपुर थाना पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और तेलंगाना पुलिस के एक संयुक्त और बेहद गोपनीय ऑपरेशन के दौरान देश की बड़ी चोरियों में से एक का भंडाफोड़ किया गया है। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने नेपाल के रहने वाले एक शातिर पति-पत्नी और उसकी साली को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बरामद किए गए सोने और चांदी के आभूषणों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल गिरोह ने तेलंगाना में इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वे लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे।
तेलंगाना से यूपी तक फैला था जांच का जाल
रामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सोमेंद्र मीणा ने मंगलवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस गिरोह की तलाश तेलंगाना पुलिस को काफी लंबे समय से थी। तेलंगाना के साइबराबाद कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले गची बाऊली थाने में इन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 1028/2026 दर्ज था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), धारा 331(3) और धारा 306 के तहत पंजीकृत किया गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा और इन वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक जाल बुना गया।
बिलासपुर में चेकिंग के दौरान धरे गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, जैसे ही इन आरोपियों के रामपुर के रास्ते नेपाल भागने की गुप्त सूचना मिली, तत्काल एक्शन प्लान तैयार किया गया। बिलासपुर थाना पुलिस, रामपुर एसओजी (SOG) और तेलंगाना पुलिस की एक विशेष संयुक्त टीम ने डिबडिबा क्षेत्र में स्थित ओवरब्रिज के पास नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में जा रहे तीन लोगों को रोका गया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नेपाल निवासी कमल (पुत्र जयनन्दा), उसकी पत्नी विमला और विमला की सगी बहन कल्पना के रूप में हुई है।
7 किलो सोना और डेढ़ किलो चांदी देखकर चौंकी पुलिस
बरामदगी का ब्यौरा:
- सोना: लगभग 7 किलोग्राम (बहुमूल्य आभूषण)
- चांदी: लगभग 1 किलो 500 ग्राम (जेवरात)
- कुल अनुमानित कीमत: ₹12,000,0000 (12 करोड़ रुपये)
पूछताछ में यह बात सामने आई कि कल्पना रिश्ते में कमल की साली लगती है और इन तीनों ने मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था। इनके पास से बरामद हुआ माल किसी बड़े खजाने से कम नहीं था। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने तेलंगाना में एक वीआईपी जगह को निशाना बनाया था और वहां से करोड़ों की दौलत समेटकर सीधे नेपाल भागने की फिराक में थे।
नेपाल भागने की फिराक में था ‘बंटी-बबली’ गिरोह
यह गिरोह बेहद शातिर और पेशेवर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। तेलंगाना में इतनी बड़ी चोरी करने के बाद इन्होंने सीधे उत्तर प्रदेश का रुख किया ताकि रामपुर की सीमा के रास्ते आसानी से नेपाल में दाखिल हो सकें। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का इरादा इस पूरे माल को नेपाल ले जाकर ठिकाने लगाने का था, ताकि वे भारतीय कानून की पहुंच से दूर हो सकें। हालांकि, पुलिस के तकनीकी सर्विलांस और सटीक खुफिया इनपुट के कारण इनका यह मास्टर प्लान पूरी तरह से फेल हो गया।
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम और आगे की कानूनी कार्रवाई
रामपुर पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस गिरोह की मदद करने वाले अन्य स्थानीय और बाहरी मददगारों की भी तलाश की जा रही है। इस बेहद संवेदनशील और बड़े मामले का त्वरित खुलासा करने वाली संयुक्त पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए एसपी ने उन्हें 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया है।





















































