लखनऊ। अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज करते हुए कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामला अब उस मुकाम पर पहुँच गया है, जहाँ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की नौबत आ गई है। यह स्थिति क्यों बनी, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि सरकार CCTV फुटेज को सार्वजनिक करे और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराए। उन्होंने कहा कि जब तक सच्चाई नहीं आएगी, श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ के आरोप नहीं थमेंगे।
📢 सोशल मीडिया पर तीरंदाजी – अखिलेश के सवाल
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट लिखकर सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर सवालों की झड़ी लगा दी। उनके अनुसार:
- ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, कोई समझ नहीं पा रहा है।
- चढ़ावा चोरी कांड को लेकर अखबारों, टीवी चैनलों और यूट्यूब पर खबरें आ रही हैं।
- पुलिस पहले कुछ नहीं बोलती, फिर अचानक दबाव में आकर खंडन जारी करती है।
अखिलेश ने दावा किया कि इस मामले को लेकर जनता में जो रोष है, उससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बेहद असहज हो गए हैं और उनमें से कई तो दूरी बनाने के लिए ‘भूमिगत’ हो गए हैं।
🧐 तंज कसा – “लखनऊ की सरकार ने लगा लिया ताला”
अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लखनऊ की सरकार ने अपने मुँह पर ताला लगा लिया है, जबकि दिल्ली की सरकार के ड्रोन और दूरबीन कहीं खो गए। उन्होंने कहा कि इस अनिश्चितता के चलते देश-विदेश में सनातन धर्म को मानने वालों की आशंकाएँ बढ़ी हैं।
“इतना पवित्र कार्य के लिए दिए गए चढ़ावे की चोरी के आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।”
उन्होंने माँग की कि यह साफ होना चाहिए कि आखिर सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन है, और चढ़ावे में हेराफेरी करने वालों को कौन बचा रहा है।
🔍 अखिलेश के सवाल: स्कैम के तार कहाँ तक?
सपा अध्यक्ष ने एक-एक कर कई अहम सवाल उठाए:
- इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं?
- पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है?
- क्या यह धन बंटवारे का विवाद है या फिर प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा?
- पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को किसने शामिल किया?
- CCTV फुटेज सार्वजनिक करने में क्या परेशानी?
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार और ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता नहीं दिखाते, तब तक लोगों के मन में संदेह बना रहेगा।
⚙️ ‘डबल इंजन’ पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ पर तंज कसते हुए पूछा:
“डबल इंजन सरकार अब कहाँ है? क्या यह सिर्फ डबल ईंधन खपत करने के लिए है, या उसकी कोई ज़िम्मेदारी भी है?”
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने रविवार को ही राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था और तब से यह मुद्दा राजनीतिक हलकों में गरमाया हुआ है। अब उन्होंने सरकार से मांग की है कि FIR दर्ज करने के बजाय सच्चाई सामने लाई जाए और भक्तों की भावनाओं का अपमान न होने दिया जाए।





















































