चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने के कारण प्रसिद्ध रामघाट सहित आसपास के कई मंदिर और तटवर्ती व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए अलर्ट घोषित कर दिया है और एहतियातन सभी स्कूल व कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तटीय इलाकों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती कर दी गई है।
मध्य प्रदेश में लगातार वर्षा बनी जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर चल रहा है। इस भारी वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी में पानी की भारी आवक हुई है, जिससे नदी का बहाव एकाएक तेज हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि बीते दिन शाम होते-होते ऐतिहासिक रामघाट पर स्थित लगभग आधी दुकानें जलमग्न हो गईं। नदी के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।
रतजगा करने को मजबूर व्यापारी, सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे सामान
तटीय इलाकों में व्यापार करने वाले दुकानदारों के लिए यह बाढ़ भारी आफत बनकर आई है। स्थानीय व्यापारी जानकी केसरवानी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि नदी का पानी उनकी दुकानों के मुहाने तक आ पहुंचा, जिसके चलते उन्हें रात भर जागकर अपनी दुकानों से सामान खाली करना पड़ा। उन्होंने चिंता जाहिर की कि जब तक ऊपरी इलाकों में बरसात जारी रहेगी, तब तक बाढ़ और तबाही का खतरा टलने वाला नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि अचानक पानी आ जाने से उनके कारोबार को गहरा झटका लगा है और वे इस अनिश्चितता के बीच अपने जीविकोपार्जन को लेकर बेहद चिंतित हैं।
राहत-बचाव कार्य में जुटी प्रशासनिक मशीनरी, घाटों पर कड़ी निगरानी
दूसरी तरफ, क्षेत्र के निवासी दिनेश कुशवाहा ने स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि चित्रकूट में भी बीते दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, जिससे देर रात मंदाकिनी नदी में उफान देखने को मिला। हालांकि, सुबह के वक्त कुछ स्थानों पर पानी में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई, पर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जलस्तर में वृद्धि के तुरंत बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी के कुशल नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तटवर्ती क्षेत्रों में मुस्तैद कर दी गई हैं। सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने की अपील: नदी और घाटों से दूर रहें श्रद्धालु
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग स्वयं पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासनिक अमले को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के तीव्र बहाव के निकट न जाएं और घाटों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। जलधारा का वेग कब अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाए, इसका अनुमान लगाना कठिन होता है, इसलिए जान-माल की रक्षा के लिए प्रशासनिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।




















































