मथुरा जिले में जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा प्रहार किया है। विभाग की विशेष जांच टीम ने छाता क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक पनीर निर्माण इकाई पर औचक छापा मारकर कपड़े धोने वाले खतरनाक रसायनों और घटिया खाद्य तेल से नकली पनीर बनाने के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके पर तैयार लगभग 500 किलोग्राम जहरीला पनीर जब्त कर उसे तत्काल नष्ट कराया और संबंधित संचालकों के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कसते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
हानिकारक रसायनों और रिफाइंड ऑयल से तैयार होता था नकली पनीर
विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में अमानक और मिलावटी दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाने की गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में विभागीय दल ने छाता स्थित सोनू कुमार (आत्मज छीतरमल) के पनीर कारखाने पर दबिश दी। कारखाने के भीतर का दृश्य देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। वहां दुग्ध उत्पादों की शुद्धता के मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए सोडियम हाइड्रो, आयरा, टीनोपाल केमिकल तथा रिफाइंड सोयाबीन तेल के खतरनाक मिश्रण से भारी मात्रा में नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। इन केमिकल का उपयोग कपड़ों की धुलाई और औद्योगिक कार्यों में होता है, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक हैं।
लाखों रुपये का संदिग्ध माल सीज, 9 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कारखाने से अलग-अलग अवयवों और तैयार उत्पादों के कुल 9 नमूने एकत्रित कर विस्तृत जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लगभग 1.05 लाख रुपये मूल्य के 500 किलोग्राम दूषित पनीर को गड्ढे में दबवाकर पूरी तरह विनष्ट कर दिया गया। परिसर में मौजूद 1.25 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाले करीब 2,000 लीटर संदिग्ध दूध को अग्रिम आदेश तक सीज कर दिया गया है। मामले में संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
वृंदावन में भी नष्ट की गई थी 41 क्विंटल से अधिक दूषित मिठाइयां
जिले में उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन निरंतर सघन चेकिंग अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत हाल ही में तीर्थनगरी वृंदावन स्थित मिठाई गोदामों और दुकानों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। उस दौरान अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित 4,000 किलोग्राम पेड़ा तथा 100 किलोग्राम मिल्क केक सहित कुल 4,100 किलोग्राम मिलावटी मिठाइयों को जेसीबी से गहरा गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया था, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 6.15 लाख से 6.27 लाख रुपये के करीब आंकी गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध यह सख्त रुख निरंतर जारी रहेगा।





















































