संगमनगरी प्रयागराज में हुई जोरदार बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जलनिकासी के दावों की हवा निकाल दी है। चंद घंटों की बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख और पॉश इलाके जलमग्न हो गए। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक घुटनों तक पानी भर जाने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आलम यह रहा कि जॉर्ज टाउन, करेली, मुंडेरा और सिविल लाइंस जैसे व्यस्त क्षेत्रों में नदियां जैसी स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जॉर्ज टाउन में बदतर हालात: थाने में घुसा नाले का पानी, पुलिसकर्मी खुद बने सफाईकर्मी
बारिश का सबसे विकराल रूप जॉर्ज टाउन क्षेत्र में देखने को मिला, जहां जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई। तेज बारिश के चलते इलाके की सड़कें और नाले एक समान नजर आने लगे, जिससे राहगीरों के लिए सड़क पहचानना तक दूभर हो गया। सड़क किनारे खड़ी कई चार पहिया गाड़ियों के पहिए और निचले हिस्से पानी में डूब गए। गंदा पानी रिहायशी मकानों के मुख्य द्वारों और दुकानों के भीतर तक प्रवेश कर गया।
हैरान करने वाली बात यह रही कि जॉर्ज टाउन थाना परिसर भी इस जलभराव से अछूता नहीं रहा। पास के उफनते नाले का गंदा पानी थाने के भीतर तक जा पहुंचा, जिसके चलते पुलिसकर्मियों को अपने रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज निपटाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मी खुद थाने से पानी बाहर निकालते नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब सुरक्षा का केंद्र बना थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम रिहायशी मकानों और दुकानों की बेबसी का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
करेली, मुंडेरा मंडी और सिविल लाइंस में थमी वाहनों की रफ्तार
शहर के अन्य हिस्सों जैसे करेली और मुंडेरा मंडी में भी भारी जलजमाव देखने को मिला। प्रमुख मार्गों पर घुटनों तक पानी भर जाने की वजह से दोपहिया और चार पहिया वाहनों का निकलना दूभर हो गया। कई जगह वाहन बंद होने से जाम की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं सिविल लाइंस स्थित सीएमपी बस स्टैंड के आसपास भी भारी जलजमाव दर्ज किया गया, जिससे बस यात्रियों और दैनिक यात्रियों को गंदे पानी से होकर ही गुजरना पड़ा।
सीवर चोक और विकास कार्यों ने बढ़ाई नागरिकों की मुसीबत
स्थानीय नागरिकों के अनुसार हर मानसूनी बारिश में क्षेत्र की यही दुर्दशा होती है। समय पर नालों और सीवर लाइनों की गाद न निकाले जाने से निकासी तंत्र पूरी तरह चोक हो चुका है, जिससे बारिश का पानी नालियों की गंदगी के साथ मिलकर सड़कों पर तैरने लगता है। इसके अतिरिक्त इलाके में जारी सीएम ग्रिड परियोजना के अधूरे निर्माण कार्यों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। खुदी हुई सड़कों और निर्माण स्थलों पर पानी भरने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। परेशान नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से नाले-नालियों की तत्काल युद्धस्तर पर सफाई कराने और जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।





















































